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आखिर क्यों ?

  आखिर क्यों ? कौन कहता है कि महिलायेँ कभी एक नहीं होतीं...(अंजना भागी) किट्टी दो भाइयों की खूबसूरत लाड़ली बहन , पढ़ने में बहुत ही होशियार। बी , कॉम औनर्स पूरी होते ही नौकरी भी लग गई। बारहवीं कक्षा में उसने कम्प्युटर विषय लिया था यह एक अच्छी मदद रही। आशुतोष उसकी ही फ़र्म में सी.ऐ थे। खूबसूरत होशियार किट्टी को देखते ही दिल हार बैठे। वह भी उन पर पूरी तरह मोहित थी। आशुतोष के माता-पिता सरकारी नौकरी में कार्यरत थे। दिल्ली में अपना घर विवाह के लायक एक बेटी जो नौकरी की कोशिश कर रही थी । उन्हें मिलते-घूमते अभी दो माह भी नहीं हुए थे कि किट्टी के बड़े भाई ने देख लिया। पापा बहुत नाराज हुए लड़के के घर का पता पूछा पहले ही इतवार उनके घर गये पर आशुतोष के माता-पिता डॉक्टर , इंजीनियर या सी ए लड़की ही चाहते थे । परिणाम स्वरूप घर पर सख्ती हुई नौकरी छुड़वा दी गई । आशुतोष अच्छा कमाते थे माँ को बहुत समझाने की कोशिश की पर वे टस से मस न हुईं । किट्टी सरकारी नौकरी के लिए लगातार पेपर दे रही थी। एक दिन इंटरव्यू देने गई तो शाम तक घर नहीं लौटी। उधर आशुतोष का भी कुछ पता नहीं था। दोनों घरों में तूफान आया हुआ था।...

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